संस्कार पब्लिक स्कूल में साइबर जागरूकता अभियान, विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और गेमिंग फ्रॉड से बचाव की दी जानकारी, हेल्पलाइन 1930 के उपयोग का किया आह्वान

अभीतक न्यूज़ गौरव अरोरा थांदला (झाबुआ)
थांदला:- वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से नगर के कांकरिया परिसर स्थित संस्कार पब्लिक स्कूल में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीओपी राजेश सुल्या, थाना प्रभारी अशोक कनेश एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नितिन डामर ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों तथा उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति किया सचेत
अतिथियों ने विद्यार्थियों को बताया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल माध्यमों का उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अनजान लोगों के फोन कॉल, संदेश एवं संदिग्ध लिंक से सतर्क रहने की सलाह दी।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रम से बचने की सलाह
एसडीओपी राजेश सुल्या ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन दिनों साइबर ठग ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों को डराकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। कोई भी पुलिस या जांच एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकती। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को अधिकारी बताकर डराने या पैसे मांगने का प्रयास करे तो उसकी सूचना तत्काल परिजनों एवं पुलिस को देना चाहिए।
ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से हो सकता है बड़ा नुकसान
थाना प्रभारी अशोक कनेश ने ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पैसे कमाने या जीतने का लालच देने वाले ऑनलाइन गेम युवाओं को आर्थिक और मानसिक संकट की ओर धकेल सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे प्लेटफॉर्म से दूर रहने तथा अपना समय पढ़ाई, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का आग्रह किया।
सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बताए सरल नियम
ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नितिन डामर ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के मूलभूत नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि मोबाइल नंबर, पासवर्ड, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी और निजी फोटो जैसी संवेदनशील जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि थोड़ी सी लापरवाही भी साइबर अपराध का कारण बन सकती है।
साइबर अपराध होने पर तुरंत करें शिकायत
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारत सरकार की साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग प्रणाली की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध की स्थिति में बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराना अत्यंत आवश्यक है।
विद्यालय परिवार ने व्यक्त किया आभार
कार्यक्रम के समापन पर संस्कार पब्लिक स्कूल प्रबंधन एवं शिक्षकों ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। वहीं विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने तथा स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार और मित्रों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति महत्वपूर्ण सीख प्रदान की।




