अधिकार

पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए विधानसभा में गूंजी झाबुआ विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया की आवाज

जिला पंचायत अध्यक्ष सोनल भाभर ने जताया आभार, अध्यक्ष पति जसवंत भाभर ने बताया— जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में यह ऐतिहासिक पहल

अभीतक न्यूज़ गौरव अरोरा थांदला (झाबुआ)

झाबुआ:- मध्यप्रदेश विधानसभा में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती के साथ उठाने पर झाबुआ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया की जनप्रतिनिधियों द्वारा सराहना की जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्षों के अधिकारों के हनन, प्रशासनिक मनमानी तथा पंचायत प्रतिनिधियों की उपेक्षा जैसे गंभीर विषयों को विधानसभा के पटल पर प्रमुखता से उठाया है।

विधानसभा में उठाई जनप्रतिनिधियों की आवाज

डॉ. विक्रांत भूरिया ने विधानसभा में प्रस्तुत अपने प्रश्नों के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया कि क्या जिला पंचायत अध्यक्षों की स्वीकृति के बिना उपयंत्रियों के क्लस्टर आवंटन एवं अन्य प्रशासनिक निर्णय लिए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों में हस्तक्षेप तथा पंचायत राज अधिनियम की भावना के विपरीत हो रही कार्यवाहियों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की पहल

त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव मानी जाती है। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत के माध्यम से हजारों निर्वाचित जनप्रतिनिधि सीधे जनता की समस्याओं एवं विकास कार्यों से जुड़े रहते हैं। ऐसे में उनके अधिकारों की रक्षा करना लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पंचायत प्रतिनिधियों में उत्साह

विधानसभा में इन मुद्दों को उठाए जाने के बाद प्रदेशभर के पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों में सकारात्मक संदेश गया है। उनका मानना है कि पंचायतों को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए विधानसभा में प्रभावी ढंग से आवाज उठाना समय की आवश्यकता है।

जमीनी नेतृत्व का परिचय

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पंचायत व्यवस्था की वास्तविक चुनौतियों को वही समझ सकता है जो लंबे समय से जनता के बीच रहकर उनके हितों के लिए कार्य करता रहा हो। डॉ. विक्रांत भूरिया ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वे केवल अपने विधानसभा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े हजारों जनप्रतिनिधियों की भावनाओं और अपेक्षाओं का भी प्रभावी प्रतिनिधित्व करते हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष सोनल भाभर ने जताया आभार

जिला पंचायत अध्यक्ष सोनल भाभर ने विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए विधानसभा में उठाई गई यह पहल अत्यंत सराहनीय एवं जनहितकारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रयास से पंचायत प्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों को और अधिक मजबूती मिलेगी।

जानकारी अध्यक्ष पति जसवंत भाभर ने दी

अध्यक्ष पति जसवंत भाभर ने बताया कि विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया द्वारा विधानसभा में उठाए गए प्रश्न पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं और अधिकारों को प्रभावी ढंग से विधानसभा तक पहुंचाने का यह प्रयास लोकतंत्र को मजबूत करने वाला है तथा प्रदेशभर के पंचायत प्रतिनिधियों में इससे नया विश्वास और उत्साह पैदा हुआ है।

Abhitak News 24

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