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साप्ताहिक हाट बाजार स्थान परिवर्तन से हाट व्यवसायीयो में आक्रोश

पुरानी मंडी में बाजार शिफ्ट होने से व्यापार प्रभावित, रोजी-रोटी बचाने की जंग लड़ रहे हाट व्यवसायी

अभीतक न्यूज़ गौरव अरोरा झाबुआ

थांदला:- लगभग एक माह पहले स्थानीय प्रशासन ने ट्राफिक जाम की समस्या का हवाला देकर साप्ताहिक हाट बाजार का स्थान परिवर्तन कर दिया था,पहले हाट बाजार नगर के तीन-चार प्रमुख मार्गो में लगता था,जिसे स्थानीय प्रशासन ने बिना किसी योजना के सिर्फ ट्राफिक जाम का हवाला देकर पुरानी मंडी में स्थान परिवर्तन कर दिया।

ट्राफिक जाम समस्या या अतिक्रमण?

नगर में बेहताशा अतिक्रमण किसकी देन है,क्या? प्रशासन ने इस और कभी अपना ध्यानाकर्षण किया है,नही किया है तो एक बार जिम्मदारो को नगर के प्रमुख मार्गों का अवलोकन कर लेना चाहिये और गैर वाजिब पक्के अतिक्रमण से नगर के इन प्रमुख मार्गों को मुक्त कराना चाहिये, ये अतिक्रमण हटते ही ट्राफिक जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी,तो स्वतः ही हाट बाजार के दिन जाम की समस्या होगी ही नही,प्रयोगशाली प्रशासन एक बार करके तो देखे

हाट व्यवसायीयो को व्यापार का हक

साप्ताहिक हाट बाजार का अपना एक महत्व है और थांदला नगर का साप्ताहिक हाट बाजार जिले सहित प्रदेश स्तर पर व्यापार के लिए प्रसिद्ध है यहां के साप्ताहिक हाट बाजार में आज भी लगभग 50 से 70 साल पुराने व्यापारी अपना व्यवसाय के लिए आते है लेकिन पिछले एक माह से स्थान परिवर्तन के बाद लगे साप्ताहिक हाट बाजार में व्यापारियों का मन काफी दुखी हुआ है व्यापारियों की चर्चाओं के अनुसार स्थान परिवर्तन के बाद पुरानी मंडी में लगने वाले बाजार में व्यपार बड़ा अंतर आया है हाट बाजार के दिन लगभग 20 से 50 किमी की दूरी तय कर के आने वाले व्यापारी को लगभग ₹ 200 से ₹ 350 का खर्च वहन करना पड़ता है ऐसे में नगर से बाहर हाट बाजार लगने लगे और ग्राहक व्यापारियों तक नही पहुचे तो छोटे व्यापारियों की तो कमर टूट जाती है,

कैसे करे अपने परिवार का भरण-पोषण

क्या साप्ताहिक हाट बाजर के व्यापारियों को व्यापार का हक नही? समस्याओं से ग्रस्त स्थान आधे दिन बाद व्यापारी या तो नगर में दुकान लगाने को मजबूर या अपने घर रवाना होना मजबूरी, सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है पर प्रशासन बिना योजना के साप्ताहिक हाट बाजार का स्थान परिवर्तन कर दे जिससे व्यापारी और ग्राहक दोनों परेशान हो तो कैसा सबका साथ सबका विकास

दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कौन?
थांदला नगर को छोटी काशी धर्म नगरी के रूप में पहचाना जाता है, इस नगर ने बड़े बड़े सन्त देश को दिये है, तो इस क्षेत्र ने राजनीति में कई बड़े नाम के नेता भी दीये है, थांदला क्षेत्र की पत्रकारिता का लोहा प्रदेश स्तरीय रहा है इन सब के बावजूद थांदला क्षेत्र एक खेल मैदान के लिए मुख ताकता है तो प्रदेश का प्रसिद्ध विजया दशमी मवेशी मेला भी अब उचित स्थान के लिए समस्या बना हुआ है, नगर में बस,टेम्पो स्टैंड के कई ठिकाने है पर योग्य सुविधाजनक बस स्टैंड अब भी सपना है तो वही कचरा ग्राउण्ड विशालकाय, विकराल रूप में बड़ी समस्या लिए सड़ रहा है जिससे क्षेत्र के हजारों बच्चे प्रभावित हो रहे है और अब साप्ताहिक हाट बाजार के स्थान परिवर्तन से व्यापारी और आमजन परेशान इन सब दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कौन? आम मतदाता, नेता,प्रशासन
Abhitak News 24

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