खेत में जुताई के दौरान गिरी आकाशीय बिजली, किसान व दोनों बैलों की दर्दनाक मौत
बारिश के बीच खेती की तैयारी कर रहे किसान पर टूटा कहर, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

अभीतक न्यूज़ गौरव अरोरा झाबुआ
थांदला:- क्षेत्र में मानसून की सक्रियता के बीच जहां किसान खरीफ फसल की तैयारी में जुटे हुए हैं, वहीं एक हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। ग्राम पंचायत कलदेला के उड़ीखाली फलिया निवासी किसान कलजी पिता मडिया की खेत में जुताई करते समय आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में किसान के साथ जुताई कर रहे उसके दोनों बैलों की भी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
खेत में कर रहे थे जुताई का कार्य
जानकारी के अनुसार किसान कलजी मडिया अपने खेत में खरीफ फसल की बुवाई की तैयारी के लिए बैलों के माध्यम से जुताई कर रहे थे। क्षेत्र में सुबह से ही मौसम खराब था और बीच-बीच में बादलों की गर्जना हो रही थी। इसके बावजूद खेती के महत्वपूर्ण समय को देखते हुए किसान खेत में कार्य कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय अचानक मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया। तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे उस स्थान पर गिरी जहां किसान अपने दोनों बैलों के साथ जुताई कर रहा था। बिजली की चपेट इतनी तेज थी कि किसान और दोनों बैलों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। खेत में किसान और दोनों बैलों को मृत अवस्था में देखकर लोगों के होश उड़ गए। ग्रामीणों ने तत्काल परिजनों और प्रशासन को सूचना दी।
बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में मातम का माहौल बन गया और हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध नजर आया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
ग्रामीणों की सहायता से किसान को तत्काल थांदला के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं प्रशासन और पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार कर शव का पोस्टमार्टम कराया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक किसान अपने परिवार का मुख्य सहारा था। अचानक हुई इस दुर्घटना से परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से गहरे संकट में आ गया है। ग्रामीणों ने शासन से मृतक किसान के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और राहत राशि प्रदान करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने जताई चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में किसान अपनी जीविका के लिए जोखिम उठाकर खेतों में कार्य करने को मजबूर होते हैं। कई बार मौसम की खराब परिस्थितियों के बावजूद खेती का काम नहीं रोका जा सकता, जिससे इस प्रकार की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से आकाशीय बिजली से बचाव संबंधी जागरूकता अभियान चलाने और किसानों को समय-समय पर मौसम संबंधी चेतावनी उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रशासन ने दी सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग एवं प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश, बादलों की गर्जना और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ एवं बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। ऐसी स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लें और मौसम सामान्य होने के बाद ही खेतों में कार्य करें।
शोक में डूबा गांव
इस दर्दनाक हादसे ने उड़ीखाली फलिया सहित पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही पल में किसान और उसके दोनों बैलों की मौत ने ग्रामीणों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में शोक का माहौल है ।
