नागदा पुलिस ने कुख्यात तस्कर सलमान लाला को पकड़ा
थांदला में बने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दुबई शिफ्ट होने की थी योजना

अभीतक न्यूज़ गौरव अरोरा थांदला (झाबुआ)
थांदला:- नागदा पुलिस ने क्राइम ब्रांच और सायबर सेल की मदद से कुख्यात अंतरराज्यी तस्कर सलमान लाला को 25 लाख रूपए की ड्रग्स के साथ पकड़ा। इस पुलिसिया कार्रवाई में जो एक बात निकल कर सामने आई वह यह थी कि सलमान लाला ने झाबुआ जिले के थांदला में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड बनवा कर पासपोर्ट तक बनवा लिया था। यहां तक कि उसका नाम थांदला के वार्ड 13 की वोटर लिस्ट में तक दर्ज है।
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने शुक्रवार शाम को प्रेसवार्ता कर इस पूरे मामले का खुलासा किया। जिसमें बताया गया कि 30 जनवरी को मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस बल ने चंबल नदी की पुलिया क्षेत्र में घेराबंदी कर उसको पकड़ा। उसके पास से मादक पदार्थ एमडी ड्रग्स 25.83 ग्राम बरामद की गई। जिसकी कीमत 25 लाख रूपए के करीब है। सलमान के पास से मादक पदार्थ के अलावा कार, दो मोबाइल फोन भी जब्त किए है।
फर्जी दस्तावेजों से बनवाया पासपोर्ट
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान सलमान लाला ने स्वयं को थांदला के वार्ड 13 का निवासी बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर झाबुआ जिले से स्वयं, पत्नी और बच्चों का पासपोर्ट, आधार कार्ड तथा वोटर आईडी बनवाया था। इनका उपयोग वह दुबई की यात्रा में कई बार कर चुका है। साथ ही वर्तमान में वह दुबई शिफ्ट होने की फिराक में था। सलमान लाला को पूर्व में भी नेपाल दूतावास ने एनओसी नहीं होने के कारण भारत वापस भेजा है। वह मूल रूप से राजीव कॉलोनी नागदा का निवासी है। उस पर नागदा मंडी में 7 प्रकरण, बांसवाड़ा राजस्थान में 2 प्रकरण, बिरलाग्राम में 1 प्रकरण, खाचरोद थाने में 3 प्रकरण और अन्नपूर्णा थाना इंदौर में 1 प्रकरण दर्ज है।

747 दिन से फरार बदमाश पर 60 हजार का था इनाम
कुख्तात बदमाश सलमान 747 दिन से फरार था। उस पर 60 हजार रूपए का ईनाम भी घोषित है। सलमान पर नागदा मंडी में पुलिस ने पहले 10 हजार रूपए का इनाम घोषित किया था। फिर बांसवाडा में प्रकरण दर्ज होने से इनाम की राशि को 20 हजार कर दिया था। इसी तरह अन्य अपराध पंजीबद्ध होने के चलते ईनाम की राशि बढ़कर 60 हजार रूपए तक हो गई। एसपी प्रदीप शर्मा ने गिरफ्तार करने में सहयोगी टीम को यह ईनामी राशि देने की बात भी कही।
फर्जी दस्तावेज बनवाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी संदिग्ध
सलमान लाला के खबर की भनक लगते ही थांदला सहित झाबुआ जिले का माहौल भी बदलने लगा है। जिस तरह फर्जी दस्तावेज बनाकर उसने आधार कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट तक बनवा लिया। इसमें जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी संदिग्ध नज़र आ रही है। आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधि के हस्ताक्षर वाले फॉर्म की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि पुलिसिया जांच सही तरीके से होगी तो, थांदला के वार्ड 13 तक इसकी आंच जरूर आएगी। आपको बता दें कि इसके पहले भी नेपाली मूल की एक युवती का आधार कार्ड बनाने के मामले में एक स्थानीय जनप्रतिनिधि के हस्ताक्षर वाला पत्र सामने आया था। उसकी जांच भी पुलिस ने अपने स्तर से निपटा दी।
झाबुआ पुलिस ने अगस्त में निकाली थी सलमान की जानकारी
थांदला पुलिस के सूत्रों ने बताया कि अगस्त माह में पुलिस ने वार्ड 13 में रहने वाले सलमान नाम के व्यक्तियों का बायोडाटा खंगला था। परंतु वार्ड 13 में सलमान लाला नाम के व्यक्ति के बारे में किसी भी तरह की जमीनी जानकारी सामने नहीं आ सकी थी।
पासपोर्ट वेरिफिकेशन करने वाले पुलिस कर्मचारी पर आएगी आंच
पूरे मामले में थांदला पुलिस की भूमिका की जांच की जाना चाहिए। जिस समय फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाया गया होगा, उस समय पासपोर्ट वेरिफिकेशन का काम देख रहे पुलिसकर्मी ने किस तरह से जांच की? पुलिस सूत्रों का कहना है इसको लेकर भी विभागीय जांच होगी और दोषी कर्मचारी नहीं बच सकेंगे।
फर्जी दस्तावेजों को लेकर हिंदू संगठनों ने दिया ज्ञापन
इस खबर की भनक लगते ही हिंदू संगठन भी सक्रिय नजर आए। विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने शनिवार को थांदला एसडीओपी रविंद्र राठी से बात की। उन्होंने ज्ञापन देकर मांग की है कि, सलमान लाला के फर्जी दस्तावेजों को बनवाने वाले लोगों को सह आरोपी बनाया जाए। साथ ही थांदला शहर और आसपास रह रहे प्रवासी लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन किया जाए। ताकि इस तरह की गतिविधियां भविष्य में नहीं हो सके। हिंदू संगठन के लोगों का कहना है कि यदि पुलिस अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटेगी, तो थांदला बंद कर भी ऐसे फर्जी लोगों और उनके संरक्षणकर्ताओं पर कार्रवाई करने के लिए हिंदू समाज एकजुट होगा।
पुलिस वेरिफिकेशन के लिए अभियान चलवाएंगे
नगर परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुनील पणदा का कहना है कि जिस तरह से यह मामला सामने आया है। उससे थांदला नगर बदनाम हुआ है। हम पुलिस के साथ मिलकर पुलिस वेरिफिकेशन का अभियान चलवाएंगे। ताकि गलत तरीके से रह रहे लोगों की सच्चाई सामने आ सके।
शिकायत आने पर जांच करवाएंगे
झाबुआ एसपी पद्मविलोचन शुक्ल का कहना है कि सलमान लाला वाला मामला पुराना है। थांदला एसडीओपी से इसकी जांच करवा रहे है। यदि कहीं और से शिकायत आएगी, तो उनका वेरिफिकेशन भी करवा लेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस तरह के लोग यदि आपके आसपास रह रहें है, तो आम लोग आगे आकर इसकी जानकारी पुलिस को देवे।



